संत शिरोमणि बाबा हरिदास जी
श्रद्धा, सेवा, सदाचार और मानवता के अमर प्रतीक
दिल्ली के पावन ग्राम झाड़ौदा कलाँ में जन्मे संत बाबा हरिदास जी ने अपने जीवन से मानवता, सेवा और ईश्वर भक्ति का ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया जो आज भी लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाएँ प्रेम, करुणा और लोककल्याण का संदेश देती हैं।
बाबा हरिदास जी
बाबा हरिदास जी एक महान संत, समाज सुधारक और लोकसेवा के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन त्याग, सेवा, करुणा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अपने उपदेशों और आचरण से लोगों को सत्य, सदाचार, प्रेम और मानव सेवा का मार्ग दिखाया। आज भी लाखों श्रद्धालु बाबा हरिदास जी में अटूट आस्था रखते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।
संत बाबा हरिदास जी का जन्म दिल्ली राज्य के नजफगढ़ क्षेत्र के निकट स्थित ग्राम झाड़ौदा कलाँ में हुआ था। बचपन से ही उनमें असाधारण आध्यात्मिक गुण दिखाई देते थे। वे शांत स्वभाव, मधुर वाणी और दयालु हृदय के धनी थे।
उनका मन सांसारिक विषयों से अधिक भगवान की भक्ति और सेवा में लगता था। बचपन से ही वे साधु-संतों की संगति में रहना पसंद करते थे और सत्संग, भजन तथा ध्यान में लीन रहते थे।
बाबा जी की शिक्षा
हम बाबा हरिदास जी की शिक्षाओं के अनुसार समाज में सेवा, स्वच्छता और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं। हम सात्विक जीवनशैली, अंधविश्वास से दूरी, और सभी जीवों के प्रति समान भावना को प्रोत्साहित करते हैं। मंदिर में व्यवस्था, पूजा विधि और दान प्रणाली को सही रूप से संचालित करने में सहयोग करते हैं
बाबा जी का दिव्य संदेश

मानव सेवा
मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा और सच्चा धर्म है।

करुणा
सभी प्राणियों के प्रति प्रेम और दया का भाव रखें।

सदाचार
सत्य, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाएँ।

स्वच्छता
स्वच्छता ही आध्यात्मिकता और देवत्व का प्रथम स्वरूप है।
हमारे कार्य
हमारे कार्य बाबा हरिदास जी की शिक्षाओं पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य समाज में सेवा, स्वच्छता और सद्भाव को बढ़ावा देना है।
बाबा हरिदास जी की शिक्षा एवं नियम
बाबा हरिदास जी के उपदेशों का पालन करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। उनके द्वारा बताए गए नियम सरल और व्यावहारिक हैं।
- मांस, मदिरा, तंबाकू का सेवन न करें
- सात्विक भोजन ग्रहण करें
- सभी जीवों के प्रति समान भावना रखें
- स्वच्छता और अनुशासन का पालन करें
मंदिर विकास
हम हिंदू मंदिरों के निर्माण और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए समर्पित हैं, जो सामुदायिक एकता को मजबूत करते हैं और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं।






